Latest Article Hamara Ghaziabad on Prostate Cancer in Hindi

HINDI ARTICLE ON PROSTATE CANCER TREATMENT IN HINDI DAILY HAMARA GHAZIABAD BY DR VIJAYANT GOVINDA GUPTA

Consultant Urologist and Andrologist

(Get Clinic Details and Contact Details here)

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प्रोस्टेट कैंसर पूरी दुनियाभर के मर्दो में पाया जाने वाला सबसे आम कैंसर है। एक वक्त था जब तम्बाकू सेवन के चलते भारत में मुंह एवं गले का कैंसर सबसे आम था। पर पिछले कुछ दशकों से भारत में आएं बदलाव के कारन प्रोस्टेट कैंसर सामान्य होता जा रहा हैं। बढ़ती उम्र, शहरी तौर तरीके एवं प्रदूषण के चलते, प्रोस्टेट कैंसर हमारे समाज में होने वाला सबसे आम कैंसर हो गया हैं। इस तरह के कैंसर के क्या लक्षण हैं, इससे कैसे बचा जा सकता है और भी कई अहम जानकारी दे रहे हैं गाज़ियाबाद और दिल्ली/एनसीआर के जाने माने अस्पताल यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत यूरोलोजिस्ट डॉ विजयंत गोविंद गुप्ता

 

प्रोस्टेट कैंसर

यह कैंसर हमारे शरीर के अंग प्रोस्टेट में होता हैं। प्रोस्टेट एक अंग हैं जो की पेशाब के रस्ते में होता हैं। यह एक सेब नुमा आकर का अंग होता हैं जो मसाने (यूरिनरी ब्लैडर या पेशाब की थैली) के मुंह पर होता हैं। जवानी में यह अंग सेक्स में सहायता करता हैं और वीर्य को तरल बनाने का कार्य करता हैं। पर बढ़ती उम्र केसाथ यह बड़ा हो जाता हैं एवं मर्दो में पेशाब में दिक्कत पैदा करता हैं। कुछ कारणवश अगर इस अंग का बढ़ाव अनियंत्रित हो जाए तो यह कैंसर का रूप ले लेता हैं।

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण

प्रोस्टेट कैंसर आम तौर पर सिर्फ मर्दो में होता हैं। यह अधिकतर 50 साल की उम्र के बाद ही होता हैं। इसके लक्षण बहुत ही मामूली होते हैं, और यही कारन हैं कीइसका पता चलता हैं जब यह फ़ैल जाता हैं। गदूद के कैंसर के कुछ लक्षण हैं जैसे

१ पेशाब में दिक्कत – पेशाब बार बार आना, धार पतली होना, ज़ोर लगाना, पेशाब बून्द बून्द करके आना, रात को बार बार उठना
२ पेशाब में खून का आना
३ शरीर में दर्द – हड्डियो में दर्द, ख़ास तौर पे कूल्हे में उठा नया दर्द
४ मल त्याग में दिक्कत जैसे कब्ज

पर हर किसी को लक्षण हो ऐसा ज़रूरी नहीं, और हर किसी जिसको लक्षण हो उसे कैंसर हो ऐसा ज़रूरी नहीं। लक्षण हो तो मिले एक मूत्र विशेषज्ञ से यानि एक यूरोलोजिस्ट से।

प्रोस्टेट कैंसर से खतरा/नुकसान

प्रोस्टेट कैंसर का इलाज बहुत ही जटिल है। इसका कारण है कि यह कैंसर किस मरीज में कैसा व्यव्हार करेगा, यह समझना बहुत ही मुश्किल है। कुछ मरीज़ों में यह कैंसर कभी कोई दिक्कत नहीं दिखता और कुछ मरीज़ों में यह कैंसर तेज़ी से फ़ैलता हैं। प्रोस्टेट कैंसर शरीर की हड्डियो में फ़ैल जाता है। एक बार यह कैंसर हड्डियो में गया तो फिर इसका पूर्ण इलाज संभव नहीं। हड्डियो में फैला कैंसर जीना दुश्वार कर देता है और अधिकतर मर्दो में कुछ समय बाद मृत्यु हो जाती है। प्रोस्टेट कैंसर जब तक अपने अंग में ही सीमित रहे, उसका इलाज पूर्णता संभव हैं। यही कारण है कि इसके जल्द इलाज पर इतना ज़ोर दिया जाता है।

प्रोस्टेट कैंसर का रोग-निदान

अगर प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण इतने मामूली और नुकसान इतना गंभीर हो तो डॉक्टर इस बीमारी का मूल्याङ्कन कैसे करते हैं। प्रोस्टेट कैंसर का इलाज एक यूरोलोजिस्ट का काम हैं। मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टरो को इस बीमारी में निपुणता हासिल है। इस कैंसर की जांच में सबसे पहली जांच है सीरम पी एस ए (PSA) । यह एक तत्त्व है जोकैंसर होने की स्तिथि में खून के स्टार में बढ़ जाता हैं और इसे जाँच कर हम पता लगा सकते हैं की कैंसर है या नहीं। पर सामान्य रूप से इसका स्टार 4ng/ml से नीचेहोना चाहिए। अगर यह बढ़ हुआ है तो आगेमूल्यांकन में आपको प्रोस्टेट बीओप्सी या MRI की ज़रूरत होगी। यह जांचे प्रोस्टेट कैंसर को पकड़ लेती हैं और फिरइसका इलाज बन सकता हैं।

स्टेज 1 या अंग में सिमित प्रोस्टेट कैंसर का इलाज

अगर प्रोस्टेट कैंसर जल्द पकड़ में आ जाए तो इसका पूर्ण इलाज संभव हैं। सर्जरी के द्वारा प्रोस्टेट को निकल दिया जाता हैं। यह सर्जरी लेप्रोस्कोपी या रोबोट के सहयोग से की जाती हैं। यह दोनों उपकरण एक जटिल सर्जरी को सरल बनाते हैं। इस सर्जरी से प्रोस्टेट कैंसर का पूर्ण निवारण संभव हैं।

स्टेज 2 या आगे के कैंसर का इलाज

एक बार कैंसर फ़ैल गया तो फिर उसका सर्जरी से इलाज संभव नहीं। तब इलाज के लिए आपके पास निम्नगणित विकल्प बच जाते हैं।

हॉर्मोन थेरेपी – इंजेक्शन द्वारा आपके शरीर से मरदाना हॉर्मोन निकल लिए जाते है, इससे कैंसर मर जाता हैं।
ओर्चिडक्टमी – कुछ बुज़ुर्ग इंजेक्शन नहीं लगवाना चाहते। इन मर्दो में उनके अंडकोष को निकालकर भी इलाज किया जाता है।
सर्जरी – कई बार बढ़ा हुआ प्रोस्टेट कैंसर पेशाब का रास्ता बंद कर देता हैं। इस स्तिथि में सर्जरी कर पेशाब का रास्ता फिर से चालू किया जाता है।

प्रोस्टेट कैंसर दिल्ली और गाज़ियाबाद में फ़ैल रहा है। कई बुज़ुर्ग इस कैंसर का शिकार हो जाते हैं। सही समय पर इलाज करने से इस कैंसर का इलाज संभव हैं। अगर कैंसर फ़ैल भी गया हो तो हताश होने की ज़रूरत नहीं। पूर्ण इलाज न सही, मरीज़ों को लंबे समय तक के लिए एच इलाज मुहैय्या कराया जा सकता हैं, बशर्ते किसी अच्छे यूरोलोजिस्ट से इलाज कराया जाए।

डॉ  विजयंत गोविंद गुप्ता गाज़ियाबाद के यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत हैं। सोमवारसे शुक्रवार 10 से 5 बजे शाम को ओपीडी में उनकी सेवाएं उपलब्ध हैं। मुफ्त परामर्श के लिए उनके दूरभाष 9592999184 पर या उनके ईमेल admin@drvijayantgovinda.com पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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